।। श्री हरि: ।।

तर्जः- दरबार अनोखा, सरकार अनोखी…………..

कृपा चाहते हो, श्री श्याम प्रभु की………..
मन को लगा लो, श्री श्याम भजन में………….
कृपा चाहते हो……

भजनों से रिझे श्री श्याम हमारा,
भजनों से बदले किस्मत का तारा,,
भजनों का रसिया भजनों का है प्रेमी,,
मन को लगा लो…..

मीरा नृसिंह सूरदास ने पाया,
धन्ना भक्त ने भजनों से रिझाया,,
भजनों की गंगा मन निर्मल करती,,
मन को लगा लो…

है सार यही बस सब वेद ग्रंथ का,
भक्तों के बस में है श्री श्याम हमारा,,
“धीरज” भजनों में ही श्री श्याम समाया,,
मन को लगा लो……

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